Bihar Diesel Anudan Online Form 2026: – अगर आप बिहार के किसान हैं और खरीफ मौसम में डीजल पंप से खेत की सिंचाई कर रहे हैं, तो डीजल अनुदान आपके लिए काफी उपयोगी योजना हो सकती है। लेकिन इस आवेदन में छोटी-सी गलती भी परेशानी पैदा कर सकती है जैसे गलत किसान पंजीकरण संख्या, डीजल रसीद में जरूरी जानकारी का न होना, जमीन का गलत रकबा भरना या दस्तावेज सही फॉर्मेट में अपलोड न करना।
इसलिए आवेदन करने से पहले सभी कागजात तैयार रखना सबसे बेहतर तरीका है। बिहार कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर कृषि योजनाओं के लिए किसान पंजीकरण और ऑनलाइन अनुदान आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। विभाग के अनुसार, ऑनलाइन योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान का कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर पंजीकरण होना जरूरी है।
महत्वपूर्ण: डीजल अनुदान की राशि, आवेदन की अंतिम तिथि, पात्र फसलें और अन्य नियम समय-समय पर सरकारी निर्देश के अनुसार बदल सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर दिखाई जा रही वर्तमान जानकारी जरूर मिलान करें।
बिहार डीजल अनुदान 2026 क्या है?
डीजल अनुदान योजना का उद्देश्य ऐसी परिस्थितियों में किसानों को सहायता देना है, जब कम बारिश, अनियमित मानसून, सूखा या अन्य परिस्थितियों के कारण फसल की सिंचाई के लिए डीजल पंप का इस्तेमाल करना पड़ता है।
पिछले आधिकारिक दिशानिर्देशों में खरीफ फसलों की डीजल से सिंचाई पर प्रति सिंचाई निर्धारित दर से अनुदान का प्रावधान रहा है। 2025-26 के निर्देशों में धान के बिचड़ा/जूट तथा खड़ी खरीफ फसलों के लिए अलग-अलग अधिकतम सिंचाई सीमा निर्धारित की गई थी। इसलिए 2026-27 में आवेदन करते समय पुराने वीडियो या पुराने आंकड़ों पर निर्भर रहने के बजाय पोर्टल पर दिखाई जा रही वर्तमान दर और सीमा को ही अंतिम मानें।
Bihar Diesel Anudan Online Form 2026 कौन किसान आवेदन कर सकता है?
डीबीटी कृषि पोर्टल पर किसान पंजीकरण से संबंधित जानकारी के अनुसार बिहार के रैयत और गैर-रैयत किसान, निर्धारित शर्तों के अनुसार, कृषि योजनाओं के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। डीजल अनुदान आवेदन में किसान की स्थिति के अनुसार सामान्यतः ये विकल्प दिखाई दे सकते हैं:
- स्वयं
- बटाईदार
- स्वयं + बटाईदार
बटाईदार या स्वयं + बटाईदार की स्थिति में अतिरिक्त सत्यापन दस्तावेज की जरूरत पड़ सकती है। आधिकारिक डीजल अनुदान पोर्टल के उपलब्ध निर्देशों में भी इन तीन किसान प्रकारों के लिए अलग-अलग दस्तावेजी आवश्यकताएं बताई गई हैं।
Bihar Diesel Anudan Online Form 2026 आवेदन से पहले ये चीजें तैयार रखें
ऑनलाइन फॉर्म खोलने के बाद दस्तावेज खोजने के बजाय पहले से सब कुछ तैयार कर लेना काफी आसान रहता है।
1. किसान पंजीकरण संख्या
सबसे पहले अपना कृषि विभाग का किसान पंजीकरण नंबर तैयार रखें। DBT कृषि पोर्टल पर पंजीकृत किसान ही ऑनलाइन कृषि योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।अगर पंजीकरण संख्या याद नहीं है तो पोर्टल पर उपलब्ध पंजीकरण स्थिति/प्रिंट से इसे खोजा जा सकता है।
2. आधार और मोबाइल नंबर
आवेदन के दौरान OTP की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर को अपने पास रखें। कृषि विभाग के पंजीकरण पोर्टल के अनुसार आधार संख्या कृषि विभाग की अनुदान योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है और पंजीकरण प्रक्रिया में आधार आधारित सत्यापन किया जाता है।
3. डीजल की कंप्यूटराइज्ड/डिजिटल रसीद
डीजल खरीदते समय रसीद जरूर लें। उपलब्ध आधिकारिक निर्देशों में कंप्यूटराइज्ड/डिजिटल डीजल रसीद को महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया गया है। रसीद की फोटो साफ होनी चाहिए और उस पर मांगी गई किसान पंजीकरण संबंधी जानकारी, हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान आदि नियमों के अनुसार होना चाहिए।
4. जमीन से संबंधित दस्तावेज
यदि आप स्वयं की जमीन पर खेती कर रहे हैं तो आवेदन में जमीन का विवरण और संबंधित भूमि दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। खाता नंबर, खेसरा नंबर, थाना नंबर और सिंचित रकबा जैसी जानकारी पहले से निकालकर रखना बेहतर है।
5. बटाईदार किसान के लिए सत्यापन फॉर्म
अगर आप बटाईदार हैं तो विभाग द्वारा निर्धारित घोषणा/सत्यापन फॉर्म की आवश्यकता हो सकती है। उपलब्ध पोर्टल निर्देशों के अनुसार इस दस्तावेज को पूरा करके JPEG फॉर्मेट में अपलोड करने की व्यवस्था है।
डीजल रसीद को कैसे तैयार करें?
यह हिस्सा बहुत महत्वपूर्ण है। आधिकारिक पोर्टल के उपलब्ध निर्देशों में डीजल रसीद को JPEG फॉर्मेट में स्कैन करके निर्धारित आकार, जैसे 200 KB तक, तैयार रखने की बात कही गई है।
अगर मोबाइल से फोटो खींचने पर फाइल 1 MB या 2 MB हो जाती है तो उसे सीधे अपलोड करने पर समस्या आ सकती है। ऐसी स्थिति में किसी भरोसेमंद image compression tool से फोटो का आकार कम कर सकते हैं।
ध्यान रखें:
- रसीद पूरी दिखाई दे।
- रसीद का नंबर स्पष्ट हो।
- तारीख पढ़ने योग्य हो।
- पेट्रोल पंप की जानकारी दिखाई दे।
- किसान की जरूरी जानकारी छिपी न हो।
- फोटो धुंधली या कटी हुई न हो।
- गलत या बदली हुई रसीद अपलोड न करें।
बिहार डीजल अनुदान 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
बिहार डीजल अनुदान 2026 के लिए आवेदन करने हेतु सबसे पहले बिहार कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर जाएं। वहां डीजल खरीफ अनुदान 2026-27 का विकल्प चुनें। इसके बाद अपना किसान पंजीकरण नंबर दर्ज करके मौसम, फसल, किसान का प्रकार और सिंचित रकबा भरें। फिर डीजल खरीद की जानकारी, रसीद संख्या और तारीख दर्ज करें। आवश्यक दस्तावेज जैसे डीजल रसीद तथा जमीन या बटाईदार से संबंधित दस्तावेज अपलोड करें और OTP सत्यापन के बाद आवेदन सबमिट करें। आवेदन से पहले आधिकारिक निर्देश जरूर पढ़ें।

Step 1: बिहार कृषि DBT पोर्टल खोलें
सबसे पहले बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक DBT पोर्टल पर जाएं। बिहार कृषि DBT का आधिकारिक पोर्टल यह पोर्टल कृषि विभाग की ऑनलाइन योजनाओं, किसान पंजीकरण और अनुदान आवेदन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
Step 2: ऑनलाइन अनुदान आवेदन पर जाएं
पोर्टल पर ऑनलाइन अनुदान आवेदन या संबंधित खरीफ योजना के विकल्प को खोजें। यदि डीजल अनुदान का आवेदन आपके जिले/क्षेत्र के लिए सक्रिय है, तो पोर्टल पर संबंधित आवेदन विकल्प दिखाई देगा।
Step 3: डीजल अनुदान चुनें
आवेदन पेज खुलने के बाद अनुदान का प्रकार चुनें और उपलब्ध विकल्पों में डीजल अनुदान का चयन करें। इसके बाद पोर्टल पर प्रदर्शित दिशा-निर्देश ध्यान से पढ़ें।
Step 4: किसान पंजीकरण संख्या डालें
अब अपना किसान पंजीकरण नंबर दर्ज करें। सर्च करने के बाद किसान का नाम, पिता/पति का नाम और अन्य पंजीकृत जानकारी दिखाई दे सकती है। अगर जानकारी गलत दिखाई देती है तो तुरंत आवेदन आगे बढ़ाने के बजाय पहले रिकॉर्ड की जांच करें।
Step 5: मौसम और फसल चुनें
इसके बाद संबंधित मौसम का चयन करें। खरीफ मौसम में पोर्टल पर उपलब्ध फसल विकल्पों में से वही फसल चुनें जिसकी वास्तव में सिंचाई की गई है। उदाहरण के लिए, यदि पोर्टल पर धान का बिचड़ा और धान की खड़ी फसल अलग विकल्प के रूप में दिखाई देती है, तो वास्तविक स्थिति के अनुसार सही विकल्प चुनें।
सिर्फ ज्यादा अनुदान मिलने की उम्मीद में गलत फसल या गलत रकबा न चुनें।
Step 6: किसान का प्रकार चुनें
अब किसान का प्रकार चुनना होगा:
- स्वयं: अपनी जमीन पर खेती करने वाले किसान।
- बटाईदार: दूसरे की जमीन पर बटाई/किराये जैसी व्यवस्था के तहत खेती करने वाले किसान।
- स्वयं + बटाईदार: दोनों प्रकार की जमीन पर खेती करने वाले किसान।
आधिकारिक पोर्टल के निर्देशों में इन विकल्पों के अनुसार अलग दस्तावेजों की आवश्यकता बताई गई है।
Step 7: जमीन का विवरण भरें
अब जमीन से संबंधित जानकारी भरें। आवेदन में आवश्यकता के अनुसार:
- थाना नंबर
- खाता नंबर
- खेसरा नंबर
- कुल रकबा
- कुल सिंचित रकबा
- आसपास के किसानों की जानकारी
जैसी जानकारी मांगी जा सकती है। यहां सबसे बड़ी गलती होती है रकबा अनुमान से भर देना। अगर आपने वास्तव में जितनी जमीन की डीजल पंप से सिंचाई की है, वही रकबा दर्ज करें। कागज में 400 डिसमिल देखकर बिना वास्तविक सिंचित क्षेत्र जांचे 400 डिसमिल भर देना सही तरीका नहीं है।
Step 8: एक से अधिक प्लॉट होने पर Add New Row का इस्तेमाल करें
अगर सिंचाई की गई जमीन अलग-अलग खाता/खेसरा में है तो पोर्टल पर उपलब्ध Add New Row विकल्प का इस्तेमाल करके प्रत्येक जमीन का विवरण दर्ज करें।उदाहरण के लिए:
- पहला प्लॉट – 50 डिसमिल
- दूसरा प्लॉट – 100 डिसमिल
- तीसरा प्लॉट – 50 डिसमिल
लेकिन केवल वही जमीन दर्ज करें जिसकी वास्तव में संबंधित आवेदन में सिंचाई हुई है। पुराने आधिकारिक निर्देशों में भी अलग-अलग जमीन/पटवन के विवरण को नियम के अनुसार दर्ज करने की प्रक्रिया बताई गई है।
डीजल खरीद की जानकारी कैसे भरें?
अब डीजल खरीद से जुड़ी जानकारी मांगी जाएगी। इसमें पोर्टल के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर:
- खरीदा गया डीजल लीटर में
- डीजल की कुल कीमत
- रसीद संख्या
- रसीद की तारीख
- पेट्रोल पंप का नाम
- संबंधित प्रखंड
जैसी जानकारी दर्ज करनी पड़ सकती है। रसीद में जितनी वास्तविक खरीद हुई है, उसी के अनुसार जानकारी भरें। रसीद संख्या मन से न बनाएं और डीजल की मात्रा अनुमान से न बढ़ाएं। आधिकारिक निर्देशों के अनुसार योजना की निर्धारित अवधि के भीतर खरीदे गए डीजल की Digital/Computerised Voucher/Receipt महत्वपूर्ण होती है।
डीजल रसीद पर किसान पंजीकरण संख्या का ध्यान रखें
यह एक ऐसा बिंदु है जिसे आवेदन करने वाले किसान अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। पिछले आधिकारिक निर्देशों में डीजल रसीद पर किसान पंजीकरण संख्या के अंतिम 10 अंकों से संबंधित प्रावधान दिया गया था। कुछ परिस्थितियों में, यदि यह जानकारी पेट्रोल पंप की रसीद पर अंकित नहीं हुई हो, तो किसान द्वारा निर्धारित तरीके से रसीद पर अपनी पंजीकरण संख्या और हस्ताक्षर करने का प्रावधान भी बताया गया था। 2026-27 के आवेदन में जो निर्देश पोर्टल पर दिखाई दें, उन्हीं का पालन करें।
बटाईदार किसान के लिए घोषणा पत्र कैसे तैयार करें?
अगर आपने बटाईदार विकल्प चुना है तो केवल डीजल रसीद पर्याप्त नहीं हो सकती। सत्यापन/घोषणा फॉर्म में आमतौर पर जमीन और खेती से जुड़ी जानकारी देनी होती है। उपलब्ध पोर्टल निर्देशों में बटाईदार तथा स्वयं + बटाईदार किसानों के लिए सत्यापन दस्तावेज अपलोड करने का उल्लेख है। फॉर्म भरते समय:
- किसान का नाम सही लिखें।
- पिता/पति का नाम सही लिखें।
- गांव, पंचायत, प्रखंड और जिला सही भरें।
- संबंधित जमीन का खेसरा नंबर सही लिखें।
- जमीन के मूल भू-धारी का नाम सही लिखें।
- आसपास के किसानों की जानकारी वास्तविक रखें।
- आवश्यक गवाहों के हस्ताक्षर करवाएं।
- संबंधित जनप्रतिनिधि/अधिकारी और कृषि समन्वयक से निर्धारित सत्यापन करवाएं।
- फॉर्म को स्कैन करके पोर्टल द्वारा बताए गए फॉर्मेट और आकार में तैयार करें।
किसी दूसरे व्यक्ति के नाम या हस्ताक्षर का इस्तेमाल करना बिल्कुल उचित नहीं है।
दस्तावेज अपलोड करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
आवेदन के अंतिम चरण में दस्तावेज अपलोड करने होंगे। स्वयं किसान के लिए भूमि दस्तावेज और डीजल रसीद जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। बटाईदार किसान के लिए सत्यापन/घोषणा दस्तावेज और डीजल रसीद की आवश्यकता हो सकती है।
अपलोड करने से पहले हर फाइल खोलकर देखें:
- फोटो साफ है या नहीं?
- पूरा दस्तावेज दिखाई दे रहा है या नहीं?
- फाइल JPEG है या नहीं?
- साइज पोर्टल की सीमा में है या नहीं?
- नाम/नंबर पढ़ा जा रहा है या नहीं?
OTP के समय सावधानी रखें
- जहां पोर्टल OTP मांगता है वहां किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त हो सकता है।
- OTP किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
- कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर भी OTP आधारित प्रक्रिया और उसकी गोपनीयता को महत्वपूर्ण बताया गया है।
आवेदन सबमिट करने से पहले यह जरूर चेक करें
Submit बटन दबाने से पहले एक बार पूरा फॉर्म दोबारा पढ़ें। खासकर इन चीजों को जरूर देखें:
- किसान पंजीकरण संख्या
- नाम
- पिता/पति का नाम
- मोबाइल नंबर
- किसान का प्रकार
- फसल
- खाता नंबर
- खेसरा नंबर
- थाना नंबर
- सिंचित रकबा
- डीजल की मात्रा
- डीजल की कीमत
- रसीद संख्या
- रसीद की तारीख
- अपलोड किए गए दस्तावेज
एक छोटी गलती बाद में सुधार करना मुश्किल बना सकती है।
आवेदन रिजेक्ट होने से बचने के लिए 10 जरूरी सावधानियां
- गलत किसान पंजीकरण संख्या न डालें।
- आधार और पंजीकरण में नाम की जानकारी जांच लें।
- गलत फसल का चयन न करें।
- वास्तविक सिंचित रकबा ही दर्ज करें।
- डीजल की मात्रा रसीद के अनुसार भरें।
- नकली या बदली हुई रसीद अपलोड न करें।
- धुंधली फोटो अपलोड न करें।
- बटाईदार किसान निर्धारित सत्यापन दस्तावेज पूरा रखें।
- OTP किसी अन्य व्यक्ति को न बताएं।
- आवेदन सबमिट होने के बाद आवेदन संख्या/प्रिंट सुरक्षित रखें।
आवेदन की स्थिति कैसे देखें?
- आवेदन करने के बाद DBT कृषि पोर्टल पर उपलब्ध आवेदन की स्थिति एवं प्रिंट जैसे विकल्पों से स्थिति जांची जा सकती है।
- आधिकारिक पोर्टल पर कृषि योजनाओं के आवेदन की स्थिति देखने और प्रिंट से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध हैं।
- अगर आवेदन में कोई कमी है या सत्यापन के दौरान समस्या आती है तो पोर्टल पर दिखाई देने वाली स्थिति को ध्यान से पढ़ें और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
सबसे बड़ी गलती: पुराने वीडियो देखकर 2026 का फॉर्म भरना
यह बात विशेष रूप से याद रखें। सरकारी योजनाओं में नियम, तारीख, अनुदान की दर, पात्रता और दस्तावेज समय के साथ बदल सकते हैं। इसलिए YouTube या Facebook पर मिले पुराने स्क्रीनशॉट को अंतिम नियम न मानें। बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर दिखाई दे रही 2026-27 की वर्तमान सूचना को प्राथमिकता दें।
बिहार कृषि विभाग का आधिकारिक DBT पोर्टल
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बिना किसान पंजीकरण के डीजल अनुदान के लिए आवेदन कर सकते हैं?
आमतौर पर ऑनलाइन कृषि अनुदान योजनाओं के लिए कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर किसान पंजीकरण आवश्यक है।
क्या बटाईदार किसान आवेदन कर सकता है?
डीजल अनुदान आवेदन में बटाईदार का विकल्प उपलब्ध होने पर बटाईदार किसान निर्धारित सत्यापन और दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकता है।
क्या डीजल की सामान्य रसीद चलेगी?
पोर्टल के आधिकारिक निर्देशों में Digital/Computerised डीजल रसीद को मान्य दस्तावेज के रूप में बताया गया है। इसलिए डीजल खरीदते समय कंप्यूटराइज्ड रसीद जरूर लें।
डीजल रसीद का फोटो कितना बड़ा होना चाहिए?
उपलब्ध आधिकारिक पोर्टल निर्देशों में JPEG फॉर्मेट और 200 KB तक की सीमा बताई गई है। लेकिन आवेदन के समय पोर्टल पर प्रदर्शित वर्तमान सीमा को ही अंतिम मानें।
क्या एक से अधिक जमीन का विवरण भर सकते हैं?
यदि आवेदन फॉर्म में Add New Row या इसी प्रकार का विकल्प उपलब्ध है तो अलग-अलग खाता/खेसरा वाली संबंधित जमीन का विवरण दर्ज किया जा सकता है। जानकारी वास्तविक और दस्तावेजों के अनुरूप होनी चाहिए।
अंतिम बात
बिहार डीजल अनुदान का ऑनलाइन आवेदन देखने में आसान लगता है, लेकिन असली सावधानी दस्तावेज और जमीन के रकबे की जानकारी भरते समय करनी पड़ती है। खासकर स्वयं और बटाईदार किसान के दस्तावेज अलग हो सकते हैं, इसलिए पहले अपनी श्रेणी तय करें और फिर आवेदन शुरू करें।
मेरी सलाह यही रहेगी कि पहले किसान पंजीकरण संख्या, जमीन का विवरण, कंप्यूटराइज्ड डीजल रसीद और जरूरी सत्यापन दस्तावेज तैयार करें। इसके बाद ही ऑनलाइन फॉर्म खोलें। सबसे जरूरी बात अनुदान की राशि या आवेदन की तारीख के बारे में किसी पुराने पोस्ट पर निर्भर न रहें। आवेदन करने के दिन बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक DBT पोर्टल पर दिखाई दे रही सूचना और निर्देश जरूर पढ़ें। इससे गलत जानकारी के आधार पर आवेदन करने की संभावना काफी कम हो जाती है।
